- सुप्रीम कोर्ट ने पेमा खांडू परिवार से जुड़े ठेकों की CBI जांच के आदेश दिए।
- करीब 1270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेकों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा है।
- CBI को 16 सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करनी होगी।
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से जुड़े कथित ठेका आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 1270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेकों में संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2015 से 2025 के बीच दिए गए सरकारी ठेकों से जुड़ा बताया जा रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री के परिवार से संबंधित कंपनियों को बड़ी संख्या में ठेके दिए गए, जिनमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
बताया गया है कि कुल मिलाकर लगभग ₹1270 करोड़ के ठेकों में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। इन ठेकों में कथित तौर पर मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदारों से जुड़ी कई फर्मों को लाभ मिलने का दावा किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के अहम निर्देश
- CBI को मामले में प्रारंभिक जांच दर्ज करने का आदेश
- 2015 से 2025 तक के सभी टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट की जांच
- राज्य सरकार को जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश
- कोई भी रिकॉर्ड नष्ट न हो, इसकी जिम्मेदारी राज्य प्रशासन पर
- 16 सप्ताह के भीतर CBI को स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी
नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे CBI के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जांच से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं।
CBI क्या करेगी?
CBI अब प्रारंभिक जांच के तहत यह देखेगी कि ठेकों के आवंटन और उनके क्रियान्वयन में नियमों का पालन किया गया या नहीं। यदि जांच में गंभीर गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं, तो आगे नियमित केस (FIR) दर्ज किया जा सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक असर
इस आदेश को मुख्यमंत्री के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल जांच के आदेश दिए हैं और किसी भी तरह का दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस जांच का असर राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक माहौल दोनों पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सरकारी ठेकों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर CBI की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
FAQ
Q1. सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को प्रारंभिक जांच करने और 16 सप्ताह में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
Q2. मामला कितने रुपये के ठेकों से जुड़ा है?
यह मामला करीब ₹1270 करोड़ के सरकारी ठेकों से संबंधित है।
Q3. क्या CM पेमा खांडू दोषी साबित हुए हैं?
नहीं, अभी केवल जांच के आदेश दिए गए हैं। दोष सिद्ध होना बाकी है।
Q4. जांच में क्या-क्या शामिल होगा?
2015 से 2025 तक के टेंडर, कॉन्ट्रैक्ट और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की जांच होगी।
यह भी पढ़ें:
- India Post GDS Recruitment 2026: 23,757 पदों पर भर्ती, 10वीं पास के लिए बड़ा मौका
- SAIL Bokaro Housing Scheme 2026: अधिकारियों को मिलेगा पसंदीदा C-Type आवास, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
- ट्रेन के AC कोच को बना दिया ‘हनीमून सूट’, वायरल वीडियो के बाद रेलवे का बड़ा एक्शन
- बोकारो में अब CCTV काटेगा चालान! ट्रैफिक नियम तोड़ने पर घर पहुंचेगा E-Challan, DSP अजय प्रसाद ने दी जानकारी
- मौसम का बड़ा अलर्ट! 17 से 20 जून तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी
👉 ऐसी ही ताज़ा और खास खबरों के लिए हमें Facebook पर Follow करें
Follow Us on Facebook









