बिहार : लिव-इन कपल्स को मिलेगा शादी जैसा दर्जा — जानिए पूरा मामला

By | Edited By: Sushil Kumar
Updated: Thu, 16 Apr 2026 09:06 AM (IST)
जनगणना 2026 लिव-इन कपल्स नियम
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ब्रेकिंग न्यूज़ | बिहार जनगणना 2026 अपडेट

लिव-इन कपल्स को मिलेगा “विवाहित” का दर्जा, लेकिन सिर्फ आंकड़ों के लिए — कानूनी मान्यता नहीं

बिहार में होने वाली जनगणना 2026 को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को भी “विवाहित” श्रेणी में शामिल किया जा सकता है — हालांकि यह दर्जा केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए होगा, इसे किसी तरह की कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी।

क्या है नया नियम?

जनगणना से जुड़े इस प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई कपल अपने रिश्ते को स्थिर और दीर्घकालिक बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताता है, तो उसे विवाहित के रूप में दर्ज किया जा सकता है।
लेकिन स्पष्ट कर दिया गया है कि यह केवल डेटा संग्रह (statistics) के लिए है, इससे उनके रिश्ते को कानूनी वैधता नहीं मिलेगी।

प्रशासन की तैयारी तेज

मुजफ्फरपुर में जनगणना को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार:

  • कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है
  • 17 से 30 अप्रैल तक स्वगणना (Self Enumeration) होगी
  • 1-2 मई से घर-घर जाकर डेटा कलेक्शन शुरू होगा

अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना अधिकारी कुमार प्रशांत ने कहा कि इस बदलाव की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन आधिकारिक गाइडलाइन का पूरा अध्ययन करने के बाद ही विस्तृत टिप्पणी की जाएगी।

जनगणना में क्या-क्या पूछा जाएगा?

इस बार जनगणना में 33 सवालों की सूची तैयार की गई है, जिसमें शामिल हैं:

🏠 घर और सुविधाएं

  • फर्श, दीवार और छत की सामग्री
  • पेयजल का स्रोत और उपलब्धता
  • शौचालय और स्नानघर की सुविधा
  • बिजली/प्रकाश का मुख्य स्रोत
  • खाना पकाने का साधन

📱 घरेलू उपकरण और संसाधन

  • मोबाइल, स्मार्टफोन, इंटरनेट
  • टीवी, कंप्यूटर, लैपटॉप
  • साइकिल, बाइक, कार आदि

👨‍👩‍👧 परिवार से जुड़ी जानकारी

  • परिवार के मुखिया की जाति और जेंडर
  • मुख्य भोजन (अनाज)
  • मोबाइल नंबर और अन्य बेसिक जानकारी

👉 क्यों अहम है यह बदलाव?

यह कदम सामाजिक बदलावों को समझने और डेटा को ज्यादा सटीक बनाने की दिशा में माना जा रहा है। बदलते समय के साथ रिश्तों के नए स्वरूप को भी जनगणना में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

निष्कर्ष:
लिव-इन रिलेशनशिप को जनगणना में “विवाहित” मानने का यह फैसला केवल डेटा कलेक्शन के लिए है, इससे किसी भी तरह का कानूनी अधिकार या मान्यता नहीं मिलेगी।

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Sushil Kumar

एक डिजिटल न्यूज़ लेखक और Fastkhabar24.in के एडिटर हैं। वे ब्रेकिंग न्यूज़, सरकारी अपडेट, भर्ती, ऑटो और टेक से जुड़ी अहम खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक प्रमाणिक और अपडेटेड जानकारी पहुंचाना है।

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