बड़ा अपडेट: बोकारो में तैरता सोलर प्लांट बनेगा! बिजली उत्पादन बढ़ेगा

Published: Mon, 13 Apr 2026 07:03 PM (IST)
बोकारो में पहली बार Floating Solar Plant! जानें कैसे बढ़ेगी बिजली 510MW तक
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बोकारो में बनेगा पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट, बिजली उत्पादन में होगा बड़ा इजाफा

झारखंड के बोकारो जिले में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक पहल शुरू हो चुकी है। दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) अब पारंपरिक थर्मल पावर के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा को भी बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी क्रम में चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) में जिले का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल बिजली उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है।

10 मेगावाट क्षमता वाला आधुनिक सोलर प्लांट

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 10 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट चंद्रपुरा स्थित जलाशय में स्थापित होगा, जहां पानी की सतह पर विशेष तकनीक के जरिए सोलर पैनल तैरते हुए लगाए जाएंगे।

फ्लोटिंग सोलर प्लांट की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसके लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं पड़ती। इससे जमीन का संरक्षण होता है और बड़े स्तर पर ऊर्जा उत्पादन संभव हो पाता है।

जलाशय के 70% हिस्से में लगाए जाएंगे सोलर पैनल

इस प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय वाटर रिजर्वायर के करीब 70 प्रतिशत हिस्से को कवर किया जाएगा। यानी पानी की सतह पर बड़े पैमाने पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जो सूर्य की रोशनी से बिजली पैदा करेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, पानी के ऊपर लगाए गए सोलर पैनल जमीन की तुलना में ज्यादा प्रभावी होते हैं, क्योंकि पानी की ठंडक से पैनलों का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा इससे जल वाष्पीकरण भी कम होता है, जो जल संरक्षण में मददगार है।

बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर होगी 510 मेगावाट

वर्तमान में चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन में 250-250 मेगावाट की दो इकाइयों के जरिए कुल 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

फ्लोटिंग सोलर प्लांट के शुरू होने के बाद इसमें अतिरिक्त 10 मेगावाट बिजली जुड़ जाएगी, जिससे कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 510 मेगावाट हो जाएगी।

हालांकि यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन अक्षय ऊर्जा की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में बड़े बदलाव की नींव रखेगा।

चार महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य

परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट को पूरी तरह से स्थापित करने में करीब चार महीने का समय लगेगा।

फिलहाल प्रोजेक्ट से जुड़ी आवश्यक सामग्री और उपकरण साइट पर पहुंचने शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्य को संभालने वाली कंपनी ने अपना स्थानीय कार्यालय भी स्थापित कर लिया है, जिससे आने वाले दिनों में काम की गति तेज होने की संभावना है।

अहमदाबाद की कंपनी को मिली जिम्मेदारी

इस प्रोजेक्ट के निर्माण की जिम्मेदारी अहमदाबाद स्थित इन सोलर एनर्जी लिमिटेड कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बिजली उत्पादन अधिक प्रभावी और टिकाऊ हो सके।

प्लांट का कंट्रोल रूम और अन्य जरूरी उपकरण चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन परिसर में ही स्थापित किए जाएंगे, ताकि संचालन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सीधे ग्रिड में जाएगी बिजली

इस सोलर पावर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली को सीधे DVC के ग्रिड में भेजा जाएगा। यह ग्रिड देश के विभिन्न हिस्सों में बिजली आपूर्ति करता है।

इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड को भी मजबूती मिलेगी।

2025 में हुआ था शिलान्यास

इस परियोजना की नींव 28 अगस्त 2025 को रखी गई थी, जब DVC के सदस्य (वित्त) अरूप सरकार ने इसका शिलान्यास किया था।

अब धीरे-धीरे यह परियोजना जमीन पर उतरती नजर आ रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित समय में इसका काम पूरा कर लिया जाएगा।

अक्षय ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

बोकारो जिले के लिए यह पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट है, जो इस क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगा।

आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की जरूरत तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह की परियोजनाएं बेहद जरूरी हो जाती हैं। फ्लोटिंग सोलर प्लांट न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं, बल्कि ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को भी मजबूत बनाते हैं।

पहले से भी मौजूद है सोलर प्रोजेक्ट

गौरतलब है कि चंद्रपुरा क्षेत्र में दुगदा कोलवाशरी के पास पहले से ही 20 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट संचालित हो रहा है, जिसे BCCL द्वारा स्थापित किया गया है।

अब नए फ्लोटिंग सोलर प्लांट के आने से इस क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को और मजबूती मिलेगी।

भविष्य के लिए संकेत

यह परियोजना न केवल बोकारो, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक संकेत है कि आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है।

थर्मल पावर के साथ-साथ सोलर और अन्य ग्रीन एनर्जी स्रोतों का संतुलन बनाकर ही भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, चंद्रपुरा में बनने वाला यह फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एक नई शुरुआत है, जो बोकारो जिले को ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई पहचान देने का काम करेगा।

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Sushil Kumar

एक डिजिटल न्यूज़ लेखक और Fastkhabar24.in के एडिटर हैं। वे ब्रेकिंग न्यूज़, सरकारी अपडेट, भर्ती, ऑटो और टेक से जुड़ी अहम खबरों को तेजी और विश्वसनीयता के साथ प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक प्रमाणिक और अपडेटेड जानकारी पहुंचाना है।

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