गैस संकट इतना बढ़ा कि भगवान राम की नगरी में भी सिलेंडर खत्म… रसोई बोली – आज छुट्टी! 😄

Published: Thu, 12 Mar 2026 08:20 PM (IST)
अयोध्या में LPG संकट के कारण राम रसोई अस्थायी रूप से बंद
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LPG संकट का असर अयोध्या तक: रोज 10 हजार लोगों को भोजन कराने वाली ‘राम रसोई’ अस्थायी रूप से बंद

अंतरराष्ट्रीय तनाव और गैस आपूर्ति में आई कमी का असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर Ayodhya में भी LPG सिलेंडर की कमी का असर सामने आया है। गैस की भारी किल्लत के कारण मंदिरों में चलने वाली कई सामूहिक रसोइयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

सबसे बड़ा असर अमावा मंदिर परिसर में चलने वाली प्रसिद्ध ‘राम रसोई’ पर पड़ा है, जहां रोजाना हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता था।

रोज 10 हजार लोगों को मिलता था मुफ्त भोजन

अमावा मंदिर में संचालित राम रसोई में हर दिन करीब 10 हजार लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता था। लेकिन गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रशासन को फिलहाल इसे बंद करने का फैसला लेना पड़ा।

मंदिर प्रशासन ने गेट पर नोटिस लगाकर जानकारी दी है कि गैस की उपलब्धता सामान्य होने तक भोजन वितरण अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा।

इस रसोई के बंद होने से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और गरीबों को मिलने वाला निशुल्क भोजन भी फिलहाल बंद हो गया है।

रोजाना लगते थे 35 से 50 गैस सिलेंडर

राम रसोई का संचालन Mahavir Mandir से जुड़े ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। जानकारी के मुताबिक यहां भोजन पकाने के लिए रोजाना 35 से 50 कमर्शियल LPG सिलेंडर की जरूरत पड़ती है।

सामान्य दिनों में यह रसोई दोपहर से शाम तक लगातार चलती थी, लेकिन गैस की कमी के कारण इसे तय समय से पहले बंद करना पड़ रहा है।

लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेने लगे मंदिर

गैस संकट के चलते अयोध्या के कई धार्मिक स्थलों को अब वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है।

प्रसिद्ध Hanumangarhi Temple क्षेत्र में कुछ जगहों पर भोजन पकाने के लिए लकड़ी के चूल्हों का उपयोग शुरू कर दिया गया है

हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी है और बड़े स्तर पर भोजन बनाना इससे मुश्किल हो रहा है।

प्रसाद उद्योग पर भी मंडरा रहा संकट

गैस सिलेंडर की कमी का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं है। हनुमानगढ़ी क्षेत्र के प्रसाद और लड्डू बनाने वाले दुकानदारों ने भी चिंता जताई है।

व्यापारियों का कहना है कि उनके पास मौजूद गैस का पुराना स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। यदि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो अयोध्या का प्रसिद्ध प्रसाद उद्योग भी प्रभावित हो सकता है

कई शहरों में दिख रही गैस की किल्लत

एलपीजी की कमी का असर देश के अन्य हिस्सों में भी देखा जा रहा है। Delhi, Bhopal, Chandigarh और कई अन्य शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

कुछ जगहों पर ऑनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा, जिससे लोगों को सीधे एजेंसी पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है।

इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकिंग की सलाह

गैस संकट को देखते हुए होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने व्यवसायियों को सलाह दी है कि वे फिलहाल इंडक्शन कुकटॉप, इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट और राइस कुकर जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक रसोइयों पर इसका और गहरा असर पड़ सकता है

निष्कर्ष:
अयोध्या की राम रसोई का अस्थायी बंद होना इस बात का संकेत है कि LPG आपूर्ति में आई कमी का असर अब धार्मिक और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच चुका है। यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो इसका प्रभाव देशभर की सार्वजनिक रसोइयों, होटल उद्योग और आम लोगों की रसोई तक देखने को मिल सकता है।

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