BMW Industries Bokaro steel plant PNG gas supply agreement with IOCL
खबर शेयर करें:

झारखंड के औद्योगिक शहर बोकारो में स्थापित हो रही नई स्टील मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। स्टील सेक्टर की प्रमुख कंपनी BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति के लिए रणनीतिक समझौता किया है।

यह समझौता कोलकाता स्थित ईस्टर्न रीजन पाइपलाइंस (ERPL) मुख्यालय में संपन्न हुआ। इस साझेदारी के तहत बोकारो में बन रही BMW इंडस्ट्रीज की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। कंपनी का मानना है कि इससे न केवल औद्योगिक उत्पादन में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ावा मिलेगा।

बोकारो यूनिट को मिलेगी पाइप्ड नेचुरल गैस

BMW इंडस्ट्रीज के प्रबंधन के अनुसार यह समझौता विशेष रूप से बोकारो के बालीडीह औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित हो रहे कंपनी के नए संयंत्र के लिए किया गया है।

इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल की पाइपलाइन नेटवर्क से इस प्लांट को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। PNG को आज के समय में उद्योगों के लिए एक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है।

कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से उत्पादन प्रक्रिया अधिक कुशल होगी और ऊर्जा उपयोग की लागत को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

आज के समय में उद्योगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्बन उत्सर्जन कम करना और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रणाली अपनाना है। ऐसे में प्राकृतिक गैस जैसे स्वच्छ ईंधन का उपयोग उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनता जा रहा है।

BMW इंडस्ट्रीज द्वारा उठाया गया यह कदम इसी दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। PNG के उपयोग से पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण होता है और कार्बन फुटप्रिंट में उल्लेखनीय कमी आती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत के औद्योगिक क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की मांग तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि सरकार भी उद्योगों को क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

संचालन लागत और दक्षता में होगा सुधार

प्राकृतिक गैस का उपयोग उद्योगों के लिए कई मायनों में लाभकारी माना जाता है। इससे उत्पादन प्रक्रियाओं में तापमान नियंत्रण बेहतर होता है और ऊर्जा की बर्बादी कम होती है।

BMW इंडस्ट्रीज के इस निर्णय से कंपनी को कई फायदे मिलने की उम्मीद है, जैसे:

  • ऊर्जा लागत में कमी
  • उत्पादन प्रक्रिया में बेहतर दक्षता
  • पर्यावरणीय प्रभाव में कमी
  • सुरक्षित और निरंतर ईंधन आपूर्ति

इन फायदों के कारण आज कई बड़े उद्योग धीरे-धीरे कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों से प्राकृतिक गैस की ओर बढ़ रहे हैं।

एमडी हर्ष बंसल ने जताई खुशी

BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हर्ष बंसल ने इस समझौते को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी के साथ यह साझेदारी BMW इंडस्ट्रीज की सस्टेनेबल और जिम्मेदार औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

उन्होंने कहा कि कंपनी हमेशा आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। इंडियन ऑयल के साथ यह सहयोग स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देगा।

स्टील सेक्टर की अग्रणी कंपनी

BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत के स्टील सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक है। कंपनी स्टील वैल्यू चेन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय है और डाउनस्ट्रीम स्टील उत्पादों के निर्माण तथा प्रोसेसिंग सेवाएं प्रदान करती है।

कंपनी द्वारा निर्मित प्रमुख उत्पादों में शामिल हैं:

  • HRPO कॉइल
  • CR कॉइल
  • GP कॉइल
  • GC शीट्स
  • MS और GI पाइप
  • TMT रिबार

1981 में हुई थी कंपनी की स्थापना

BMW इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है।

वर्तमान में कंपनी के निर्माण संयंत्र पश्चिम बंगाल और झारखंड में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा बोकारो में कंपनी का स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के साथ एक संयुक्त उद्यम भी मौजूद है।

बोकारो में बन रही 803 करोड़ की नई स्टील यूनिट

BMW इंडस्ट्रीज अब अपने कारोबार को और विस्तार देने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी कन्वर्जन आधारित मॉडल से आगे बढ़कर एकीकृत डाउनस्ट्रीम स्टील प्रोसेसिंग कारोबार की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

इसी योजना के तहत कंपनी बोकारो में लगभग 803 करोड़ रुपये की लागत से एक नई स्टील यूनिट स्थापित कर रही है।

इस परियोजना के लिए लगभग 40 एकड़ मुख्य भूमि और 5 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। इस प्लांट में कई प्रकार के मूल्यवर्धित स्टील उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

तैयार होंगे आधुनिक स्टील उत्पाद

  • गैल्वनाइज्ड स्टील
  • गैल्वाल्यूम स्टील
  • ZAM (जिंक-एल्यूमिनियम-मैग्नीशियम) कोटेड स्टील
  • कलर-कोटेड स्टील

अप्रैल 2026 तक शुरू हो सकता है पहला चरण

कंपनी प्रबंधन के अनुसार बोकारो में निर्माणाधीन इस परियोजना की प्रगति तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है।

अनुमान है कि इस परियोजना का पहला चरण अप्रैल 2026 तक कमीशन हो सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे सभी उत्पादन लाइनें चालू की जाएंगी।

कंपनी की योजना के अनुसार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से चौथी तिमाही के बीच संयंत्र की सभी उत्पादन इकाइयां पूरी तरह संचालन में आ जाएंगी।

बोकारो के औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि BMW इंडस्ट्रीज की यह नई परियोजना बोकारो के औद्योगिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे न केवल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से यह परियोजना पर्यावरण के लिहाज से भी एक सकारात्मक उदाहरण बन सकती है। कुल मिलाकर BMW इंडस्ट्रीज और इंडियन ऑयल के बीच हुआ यह समझौता औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

👉 ऐसी ही ताज़ा और खास खबरों के लिए हमें Facebook पर Follow करें

Follow Us on Facebook
खबर शेयर करें:

Leave a Reply