ITR भरते समय न करें ये 10 गलतियां, वरना आ सकता है Income Tax Notice 2026 टैक्स गाइड
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अपडेट: फरवरी 2026 | टैक्स एवं फाइनेंस विशेषज्ञ विश्लेषण

हर साल लाखों लोग Income Tax Return (ITR) फाइल करते हैं, लेकिन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से रिफंड अटक जाता है, नोटिस आ जाता है या फिर पेनल्टी तक लग सकती है। एक प्रोफेशनल टैक्स कंसल्टेंट के रूप में मेरा अनुभव है कि अधिकतर गलतियां जानकारी की कमी या जल्दबाजी में होती हैं।

आइए समझते हैं ITR भरते समय होने वाली 10 सबसे आम और बड़ी गलतियां, ताकि आप इनसे बच सकें।

1️⃣ गलत ITR फॉर्म चुन लेना

ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4 — हर फॉर्म अलग आय वर्ग के लिए है।
अगर आपकी आय सैलरी + हाउस प्रॉपर्टी + अन्य स्रोत से है तो ITR-1 सही हो सकता है, लेकिन बिजनेस इनकम होने पर अलग फॉर्म लगेगा।
गलत फॉर्म चुनने से रिटर्न डिफेक्टिव हो सकता है।

2️⃣ Form 26AS और AIS से मिलान न करना

बहुत लोग सिर्फ Form-16 देखकर रिटर्न भर देते हैं।
लेकिन आज के समय में AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS से मिलान करना बेहद जरूरी है।
TDS, ब्याज आय, शेयर ट्रांजेक्शन — सबका क्रॉस वेरिफिकेशन करें।

3️⃣ ब्याज आय छिपा देना

बैंक FD, RD, सेविंग अकाउंट का ब्याज — यह सब टैक्सेबल है। बैंक ने TDS काटा या नहीं, आय दिखाना जरूरी है।
ब्याज छुपाने पर नोटिस आ सकता है।

4️⃣ गलत डिडक्शन क्लेम करना

धारा 80C, 80D, 80G जैसी छूट का दावा करते समय सही प्रमाण जरूरी है। बिना निवेश किए 80C में ₹1.5 लाख दिखाना गंभीर गलती है।

5️⃣ HRA और होम लोन डिटेल में गड़बड़ी

HRA क्लेम करते समय रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक का PAN जरूरी हो सकता है। होम लोन पर ब्याज (Section 24) और प्रिंसिपल (80C) अलग-अलग दिखाना होता है।

6️⃣ कैपिटल गेन की सही गणना न करना

शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है। Short Term और Long Term गेन की दरें अलग होती हैं। गलत कैलकुलेशन से टैक्स डिमांड आ सकती है।

7️⃣ बैंक अकाउंट डिटेल गलत भर देना

रिफंड सीधे बैंक खाते में आता है। अगर IFSC या अकाउंट नंबर गलत हुआ तो रिफंड अटक जाएगा।

8️⃣ ITR फाइल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन भूल जाना

सिर्फ ITR अपलोड करना काफी नहीं है। 30 दिन के अंदर ई-वेरिफिकेशन जरूरी है, वरना रिटर्न अमान्य माना जा सकता है।

9️⃣ नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था की तुलना न करना

2026 में नई टैक्स व्यवस्था डिफॉल्ट है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह फायदेमंद नहीं होती। रिटर्न भरने से पहले दोनों व्यवस्था की तुलना जरूर करें।

🔟 आखिरी दिन पर फाइल करना

जल्दबाजी में गलतियां ज्यादा होती हैं। सर्वर स्लो, डॉक्यूमेंट अधूरे और मानसिक दबाव — ये सब नुकसान पहुंचा सकते हैं।

प्रोफेशनल सलाह (Expert Tip)

✔️ AIS और 26AS जरूर चेक करें
✔️ सभी डिडक्शन के दस्तावेज सुरक्षित रखें
✔️ कैपिटल गेन में CA की सलाह लें
✔️ समय से पहले रिटर्न फाइल करें

निष्कर्ष

Income Tax Return भरना सिर्फ एक फॉर्म भरना नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय जिम्मेदारी का हिस्सा है। थोड़ी सावधानी और सही जानकारी से आप नोटिस, पेनल्टी और रिफंड की देरी जैसी परेशानियों से बच सकते हैं।

अगर आपकी आय के स्रोत जटिल हैं — जैसे बिजनेस, शेयर ट्रेडिंग या विदेशी आय — तो प्रोफेशनल सलाह लेना हमेशा बेहतर विकल्प है।

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