Khan Sir का ड्रीम प्रोजेक्ट झटका: 1000 एकड़ में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी फिलहाल स्थगित
पटना | विशेष रिपोर्ट
बिहार की राजधानी पटना से सटे भोजपुर जिले के कोइलवर क्षेत्र में प्रस्तावित एक मेगा एजुकेशन प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है। लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir ने खुलासा किया है कि 1000 एकड़ में आधुनिक यूनिवर्सिटी बनाने की उनकी योजना फिलहाल रोक दी गई है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर सहयोग की कमी, जमीन की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल और बढ़ते दबाव के कारण उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा। इतना ही नहीं, यूनिवर्सिटी के लिए खरीदी गई जमीन को भी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
क्या था पूरा प्लान?
खान सर का सपना केवल एक यूनिवर्सिटी बनाना नहीं था, बल्कि एक “स्टूडेंट सिटी” मॉडल विकसित करना था। प्रस्तावित परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार थीं:
- लगभग 25,000 छात्रों के लिए रिहायशी कैंपस
- अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक
- रिसर्च सेंटर
- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
- हॉस्टल सुविधा
- कैंपस के भीतर मॉल और मैनेजमेंट स्पेस
उनका मानना था कि इतने बड़े शैक्षणिक केंद्र से आसपास के क्षेत्र का विकास स्वतः तेज हो जाता।
नेट-जीरो कैंपस का सपना
परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा चुका था। इसे नेट-जीरो मॉडल पर विकसित करने की योजना थी, यानी ऊर्जा के लिए सरकारी सप्लाई पर निर्भरता कम से कम रहे।
कैंपस को पूरी तरह सेल्फ-सस्टेनेबल बनाने की परिकल्पना थी। इसके अलावा, MBA छात्र कैंपस के भीतर मॉल और अन्य व्यवस्थाओं का संचालन संभालते, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता।
जमीन विवाद और बढ़ती कीमतें
जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक चरण में कई जमीन मालिकों से बातचीत कर बाजार दर से अधिक कीमत पर समझौते हुए थे। कुछ जमीनों का रजिस्ट्रेशन भी पूरा हो चुका था।
लेकिन जैसे ही इलाके में बड़े प्रोजेक्ट की चर्चा फैली, जमीन की कीमतों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई। आरोप है कि कुछ मालिकों ने तय कीमत पर रजिस्ट्रेशन से इनकार कर दिया और 8–10 गुना अधिक राशि की मांग की।
इन परिस्थितियों में परियोजना को आगे बढ़ाना मुश्किल होता गया।
“मेंटल प्रेशर के कारण लेना पड़ा फैसला”
एक वीडियो संदेश में खान सर ने कहा कि लगातार दबाव और परिस्थितियों के कारण उन्हें प्रोजेक्ट स्थगित करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शिक्षा का बड़ा केंद्र स्थापित करना था, लेकिन हालात अनुकूल नहीं रहे।
क्या अब खत्म हो गया सपना?
खान सर ने साफ किया कि सपना अभी जिंदा है। यूनिवर्सिटी अब किसी अन्य स्थान पर विकसित की जाएगी। इस बार लोकेशन को गोपनीय रखा जाएगा, ताकि जमीन की कीमतों में अनावश्यक उछाल न आए।
उन्होंने संकेत दिया कि जमीन खरीद की प्रक्रिया चरणबद्ध और रणनीतिक तरीके से की जाएगी, जिससे परियोजना सुरक्षित रहे और लागत नियंत्रित रहे।
निष्कर्ष
कोइलवर क्षेत्र में प्रस्तावित 1000 एकड़ की यूनिवर्सिटी फिलहाल रुक गई है, लेकिन शिक्षा के बड़े विजन को लेकर खान सर पीछे हटते नजर नहीं आ रहे। अगर यह परियोजना किसी नए स्थान पर साकार होती है, तो बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ सकता है।
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