झाबुआ (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के झाबुआ शहर में आयोजित प्रसिद्ध ‘महाराज नो मेलो’ में सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मेले का सबसे बड़ा आकर्षण माने जाने वाला नाव वाला झूला अचानक अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झूला करीब 100 फीट की ऊंचाई पर झूलते समय भरभराकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई।
इस दर्दनाक हादसे में झूले में सवार करीब 15 छात्राएं घायल हो गईं। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई बच्चियों को गंभीर चोटें आई हैं।
चलते-चलते भरभरा कर गिरा झूला
Video: Patrika.com
🏥 सभी घायल अस्पताल में भर्ती
घटना के तुरंत बाद मेले में मौजूद लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायल बच्चियों को जिला अस्पताल झाबुआ पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि घायल छात्राएं उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ती हैं और मेला देखने आई थीं। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और फिलहाल सभी खतरे से बाहर बताई जा रही हैं।
⚠️ क्षमता से ज्यादा सवारी बनी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि झूले पर निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था। जैसे ही झूला तेज गति से ऊपर-नीचे होने लगा, संतुलन बिगड़ गया और वह टूटकर गिर पड़ा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
👮♂️ मौके पर पहुंचा प्रशासन
हादसे की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह, एडीएम भास्कर गाचले, तहसीलदार समेत पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को नियंत्रित किया गया और सुरक्षा के लिहाज से कुछ झूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
🕉️ क्या है ‘महाराज नो मेलो’?
गौरतलब है कि दिवंगत आदिवासी संत खूमसिंह महाराज की स्मृति में झाबुआ में पिछले 6 वर्षों से यह मेला आयोजित किया जा रहा है। हर साल 1 जनवरी से 20 जनवरी तक चलने वाले इस मेले में
- 5 बड़े झूले
- करीब 25 छोटे झूले लगाए जाते हैं, जिनका आनंद लेने के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों से हजारों लोग पहुंचते हैं।
❗ बड़ा सवाल: मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद मेले में झूलों की सुरक्षा, फिटनेस सर्टिफिकेट और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच और सख्ती होती, तो यह हादसा टल सकता था।
👉 प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, वहीं घायलों के परिजनों में अब भी डर और आक्रोश का माहौल है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि मनोरंजन से पहले सुरक्षा सबसे जरूरी है।
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