खबर शेयर करें:

RBI का बड़ा सरप्राइज! EMI होगी कम — होम, ऑटो और पर्सनल लोन पर सीधा फायदा

आने वाले दिनों में लोन EMI कम होने वाली है, क्योंकि RBI ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती की है और इसे घटाकर 5.25% कर दिया है। यह फैसला मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की 3 से 5 दिसंबर तक चली बैठक में हुआ, जिसकी जानकारी गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 दिसंबर को दी।

💡 रेपो रेट कम होने से फायदा क्या?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर घटती है, तो बैंकों को सस्ता लोन मिलता है और वे यह राहत ग्राहकों को भी देते हैं।
इसका मतलब—अब होम, ऑटो और पर्सनल लोन 0.25% तक सस्ते हो जाएंगे।

📉 EMI में कितनी कमी आएगी?

  • ₹20 लाख का 20 साल वाला लोन → EMI में लगभग ₹310 की कमी

  • ₹30 लाख का 20 साल वाला लोन → EMI में लगभग ₹465 की कमी
    इसका लाभ नए और वर्तमान, दोनों ग्राहकों को मिलेगा।

🏠 हाउसिंग सेक्टर पर क्या असर पड़ेगा?

ब्याज दर घटने पर होम लोन सस्ता होता है, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने की मांग बढ़ती है। आने वाले महीनों में हाउसिंग सेक्टर में निवेश और बिक्री दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

📊 RBI का अपडेट:

  • महंगाई का अनुमान घटाया गया

  • GDP अनुमान फिलहाल अपरिवर्तित रखा गया

📅 इस साल रेपो रेट में अब तक कितनी कटौती हुई?

इस साल RBI ने कुल 4 बार ब्याज दर घटाई है—

  • फरवरी: 6.50% → 6.25%

  • अप्रैल: फिर 0.25% कम

  • जून: 0.50% की बड़ी कटौती

  • दिसंबर: अब 0.25% की और कटौती

कुल मिलाकर रेपो रेट में 1.25% की कमी हो चुकी है।

🧠 रेपो रेट क्यों घटाया-बढ़ाया जाता है?

  • महंगाई ज्यादा होने पर RBI दरें बढ़ाता है ताकि बाजार में पैसा कम हो और महंगाई नियंत्रण में आए।

  • इकोनॉमी कमजोर होने पर दरें घटाई जाती हैं जिससे बैंक और ग्राहक दोनों को सस्ता कर्ज मिले और आर्थिक गतिविधियाँ तेज हों।

🗓️ मॉनेटरी पॉलिसी कब होती है?

RBI की MPC में कुल 6 सदस्य होते हैं—3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नामित। यह बैठक हर दो महीने में होती है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 6 बैठकों का शेड्यूल जारी किया जा चुका है।

👉 ऐसी ही ताज़ा और खास खबरों के लिए हमें Facebook पर Follow करें

Follow Us on Facebook
खबर शेयर करें:

Leave a Reply