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झारखंड के देवघर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। एम्स रोड स्थित नावाडीह रेलवे समपार फाटक पर एक ट्रेन ने धान से लदे ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और हालात को नियंत्रित किया।

Video Source: ABP Live

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक रेलवे समपार फाटक के पास खड़ा था। इसी दौरान दूसरी ओर से तेज़ रफ्तार में ट्रेन आती दिखाई दी। इससे पहले कि ट्रक चालक कोई प्रतिक्रिया कर पाता, ट्रेन ने ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रैक के आसपास धान बिखर गया।

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि ट्रक फाटक के पास खड़ा है और कुछ ही सेकंड में ट्रेन आकर उसे चपेट में ले लेती है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग रेलवे फाटक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

मौके पर मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही जसीडीह थाना पुलिस और आरपीएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया।

रेलवे अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त ट्रक को हटाने और ट्रैक को सुरक्षित करने का काम तुरंत शुरू कराया। कुछ समय बाद ट्रैक को पूरी तरह साफ कर लिया गया, जिसके बाद रेल यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया।

रेलवे का क्या कहना है?

देवघर में हुए इस रेल-ट्रक हादसे को लेकर ईस्टर्न रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रेलवे फाटक खुला हुआ था, इसी कारण ट्रक रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया।

ईस्टर्न रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन कुछ समय के लिए रोका गया था, लेकिन अब पूरी तरह से सामान्य कर दिया गया है। फिलहाल सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार चल रही हैं।

CPRO ने क्या कहा?

ईस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि रेलवे फाटक आखिर खुला कैसे रह गया। जांच के दौरान कई अहम बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं—

  • क्या फाटक बंद करने में किसी तरह की लापरवाही हुई
  • ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए सिग्नल किस स्थिति में दिया गया
  • कहीं किसी बाहरी व्यक्ति ने भीड़ के बीच से रेलवे फाटक तो नहीं खोल दिया
  • फाटक पर तैनात कर्मचारी की भूमिका

रेलवे अधिकारियों की एक विशेष जांच टीम मौके पर मौजूद है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

ट्रक में लदा था धान

जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक में धान लदा हुआ था, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। टक्कर के बाद ट्रक का माल सड़क और रेलवे ट्रैक के आसपास फैल गया, जिसे बाद में हटाया गया। ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन उसे किसी गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि इस रेलवे फाटक पर पहले भी कई बार लापरवाही देखी गई है। फाटक समय पर बंद न होने और उचित सिग्नल व्यवस्था न होने के कारण यहां हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि नावाडीह रेलवे फाटक पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

बड़ा हादसा टलने से राहत

हालांकि यह हादसा बेहद गंभीर हो सकता था, लेकिन किसी की जान न जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है। अगर ट्रेन की रफ्तार और अधिक होती या ट्रक पूरी तरह ट्रैक पर आ जाता, तो यह दुर्घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।

रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

देवघर में हुए इस रेल हादसे ने एक बार फिर रेलवे फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के कई हिस्सों में रेलवे फाटकों पर लापरवाही के कारण हादसे होते रहे हैं। ऐसे में रेलवे और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि समय रहते सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए।

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